10th Ke Baad Kya Kare: ये 9 है सबसे बेस्ट करियर लिस्ट , ये सम्पूर्ण लेख पढने के बाद आपको कुछ और जानना शेष नहीं रह जायेगा ।
आज इस पोस्ट के माध्यम से जिसका शीर्षक है COURSES AFTER 10th इस पोस्ट में हम 10th Ke Baad Kya Kare इस महत्वपूर्ण विषय पर चर्चा करेंगे ?मैंने इस पेज पर आपको 10th Ke Baad जितने भी प्रकार के कोर्स किये जा सकते हैं आपको उन सभी की जानकारी प्रदान करने का एक महत्व पूर्ण प्रयास किया है ।सम्पूर्ण पोस्ट पढने के बाद आप मुझे धन्यवाद अवश्य ही कहना चाहेंगे ।
पोस्ट अपडेट किया गया : 03 मई 2026
हम सभी चाहते हैं कि हम पढ़ लिखकर एक सफल व्यक्ति बने |इसीलिए शिक्षा प्राप्त करना हमारे सफल जीवन के लिए अति आवश्यक है।
10th Ke Baad कोई भी कोर्स करने का प्रत्येक फैसला बहुत सोच-समझकर लेना चाहिए क्योंकि एक सफल जीवन की नींव यहीं से रखी जाती है |
10वीं की बोर्ड परीक्षा पास करने के बाद सभी स्टूडेंट्स के पास सही दिशा में बढने के लिए महीनों का समय मिलता है इसलिए “जीवन के इस महत्वपूर्ण मोड़ पर, हमें अपने भविष्य की दिशा तय करने की अति आवश्यकता होती है। यह वह समय होता है जब हमें गंभीरता से अपनी रुचियों और योग्यताओं को समझने की आवश्यकता होती है।इसलिए इस खाली समय में हमें आराम से कहीं एकांत में बैठकर यह अवश्य ही विचार करना चाहिए कि अब हमें किस दिशा में कदम बढ़ाना चाहिए |
यदि हमें कोई भी कोर्स करना है तो जीवन की इस यात्रा में हमारा पहला महत्वपूर्ण कदम 10वीं के बाद ही प्रारभ होता है। यह वह समय होता है जब हमें अपने भविष्य की दिशा तय करनी होती है। यह एक ऐसा निर्णय होता है जो हमारे सपनों को साकार करने का मार्ग प्रशस्त करता है।यह वह समय होता है जब हमें अपने सपनों को अपनी योग्यताओं के साथ मिलान करने की आवश्यकता होती है। हमें अपने भविष्य के लिए सही पथ चुनने की आवश्यकता होती है, जो हमें हमारे सटीक लक्ष्यों तक पहुंचा सके।COURSES AFTER 10th
जब कोई 10वीं पास कर लेता हैं, तो उसके सामने अपने करियर के लिए कई विकल्प आ रहे होते | परन्तु अगर आप इस अति महत्वपूर्ण चयन को सही प्रकार से नहीं करते हैं, तो आप अपने आने वाले भविष्य का सामना नहीं कर पाओगे। इसलिए, अपने लिए सही करियर चुनना एक महत्वपूर्ण निर्णय होना चाहिए ।
10वीं के बाद क्या करें? टॉप कोर्सेज की पूरी जानकारी और करियर स्कोप।”

10वीं के बाद क्या करें? 10th Ke Baad Kya Kare
COURSES AFTER 10th
हमने इस पेज पर विभिन्न कोर्स और विषयों के बारे में जानकारी प्रदान की है इसमें हम आपको एक विस्तृत जानकारी प्रदान करेंगे कि 10वीं के बाद क्या करें? 10th Ke Baad Kya Kare | जो आपके भविष्य को और अधिक उज्ज्वल बना सकते हैं। यहां हमने उन सभी विकल्पों को उजागर किया है जो आपके सपनों को साकार करने में आपकी मदद कर सकते हैं। आइए, अब हम इस यात्रा को साझा करें और अपने लिए एक बेहतर भविष्य की ओर कदम बढ़ाएं।
career options after 10th
10th Ke Baad हर स्टूडेंट्स के पास विभिन्न विकल्प होते हैं |इतने विकल्प होते हैं कि जिनको एक बार में समझना या समझाना सरल कार्य नहीं है |इसलिए हम आपको जितने भी विकल्पों के बारे में बतायंगे इनको पढने के बाद आप एक बार अपने सीनियर्स, टीचर्स, अभिभावकों या करियर एक्सपर्ट से बात अवश्य करें | सभी विषय को क्रम से समझने के बाद आप इनमें से किसी भी एक करियर को चुनकर उसमे अपना भविष्य बना सकते हो, एक गलत निर्णय आपको जीवन भर पछताने के अलावा कुछ नहीं देगा इसलिए आपको हमारी इस विषय पर लिखी इस पोस्ट को भी पढना चाहिए ,हो सकता है कि आपको हमारी इस पोस्ट से कुछ सिखने को मिल जाये और आप एक सही निर्णय ले पायें –करियर चुनते समय 23 गलतियाँ जो अधिकतर विद्यार्थी कर जाते हैं ?
List of Courses after 10th
हम आपको जो लिस्ट दे रहे हैं इनमे अभी केवल सभी कोर्स की नाम जानकारी देंगे, इसके बाद हम और भी पोस्ट शेयर करते रहेंगे ,जिनमे हम आपको इन सभी विषयों को एक एक करके समझाने का प्रयास करते रहेंगे |क्योंकि सभी विषय अपने आप में बहुत ही विस्तृत हैं ,इन सभी विषयों को एक बार में और केवल एक पोस्ट में ही समझाया नहीं जा सकता है ?इन सभी विषयों पर मेरी पोस्ट एक एक करके आती रहेंगी और उनके लिंक भी यही दे दिए जायेंगे ।
COURSES AFTER 10th – Career Options and Complete Guide in Hindi
1- 10वीं के बाद आर्ट्स, साइंस, कॉमर्स (science commerce arts)
10th Ke Baad हमारे सामर्थ्य और रुचियों को आकार देने का समय आता है। यह वह समय होता है जब हमें अपनी शिक्षा की दिशा तय करनी होती है -जब हमें यह तय करना होता है कि हमें अगले दो वर्षों के लिए कौन सी शाखा चुननी है – विज्ञान, वाणिज्य या कला।
यह निर्णय आसान नहीं होता, लेकिन यह जरूरी भी है कि हम इस निर्णय को सोच समझकर लें क्योंकि इस निर्णय का प्रभाव हमारे आने वाले सम्पूर्ण जीवन के भविष्य पर अवश्य ही पड़ता है। आप 10वीं के बाद साइंस, कॉमर्स या आर्ट्स से 12वीं कर सकते हैं और इनमें से प्रत्येक शाखा के आपके जीवन में क्या लाभ हो सकते हैं।”
इस विषय पर एक विस्तृत जानकारी प्रदान करने हेतू हमने एक पोस्ट लिखी है , जिसमें आपको इन तीनों विकल्पों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गयी है जिसे पढ़कर आप अपने लिए सही चुनाव कर सकते हैं | 10वीं के बाद कौन सा विषय लेना चाहिए ? आर्ट्स, साइंस या कॉमर्स, ।
Arts (UPSC/PCS)UPSC Official Website – प्रशासनिक सेवाओं की जानकारी के लिए।
2 -वोकेशनल कोर्स (Vocational course)
Job Oriented Vocational course List After 10th
दुनिया में जितने भी कोर्स होते हैं वो केवल दो प्रकार के होते हैं पहला है प्रोफेशनल कोर्स और दूसरा है वोकेशनल कोर्स ।
प्रोफेशनल कोर्स: इनका उद्देश्य आपको एक “विशेषज्ञ” (Specialist) बनाना है। इसमें ‘क्यों’ (Why) पर ध्यान होता है—यानी कोई चीज कैसे काम करती है उसके पीछे का विज्ञान क्या है। (जैसे: डॉक्टर, वकील, इंजीनियर ,साईंटिस्ट ,रिसर्चर आदि )।
वोकेशनल कोर्स: इनका उद्देश्य ” उस काम को कैसे करना ” (Job-Ready) बनाना है। इसमें ‘कैसे’ (How) पर ध्यान होता है—यानी उस काम को कैसे करना है। (जैसे: हेल्पर ,मैकेनिक, डिजाइनर, टेक्नीशियन,कम्प्यूटर्स आपरेटर्स ,मशीन आपरेटर्स ,लैब टेक्नीशियन आदि )।
वोकेशनल कोर्स के अंदर सभी प्रकार के सर्टिफिकेट ,डिप्लोमा ,आईटीआई ,पॉलिटेक्निक कोर्स आते हैं ,बस आप अपनी योग्यता (8वीं, 10वीं या 12वीं) के बाद अपने मनपसंद क्षेत्र को चुनकर उसमें विशेषज्ञता प्राप्त कर सकते हैं। इन कोर्सों का लक्ष्य व्यक्तियों को किसी विशेष करियर के लिए पूरी तरह तैयार करना होता है। साधारण शब्दों में कहें तो, वोकेशनल कोर्सेज विशेष रूप से इस तरह तैयार किए जाते हैं ताकि छात्र संबंधित नौकरी के लिए तकनीकी रूप से पूरी तरह सक्षम हो सके।। आज के कॉर्पोरेट जगत में केवल शिक्षित होना काफी नहीं है, बल्कि ‘रोजगार योग्य’ (Employable) होना जरूरी है। आपके पास काम को पूरा करने के लिए आवश्यक प्रैक्टिकल स्किल्स होनी चाहिए, जो ये कोर्सेज प्रदान करते हैं।
अतः वोकेशनल कोर्स वह कोर्स होता है जिसमें आप 10th Ke Baad अपनी मनपसंद क्षेत्र को चुनकर उसका सर्टिफिकेट, डिप्लोमा या डिग्री प्राप्त कर सकते हैं।”।. इन कोर्सों का लक्ष्य विशेष करियर के लिए व्यक्तियों को तैयार करना होता है और यह आपके करियर को उन्नत करने में मदद करता है. वोकेशनल कोर्सेज सीधे और स्पष्ट” (Direct and Focused) होते हैं और यह विशेष रूप से तैयार किए गए होते हैं ताकि एक व्यक्ति पूरी तरह से उसी नौकरी के लिए तैयार हो सके |
इसलिए यदि आप कोई कोर्स करना चाहते हो और यदि आपके पास किसी विशेष पेशे में प्रदर्शन करने के लिए आवश्यक कौशल हैं तथा जो छात्र स्कूली शिक्षा पूरी करने के बाद अपनी रूचि के क्षेत्र में एक उज्ज्वल करियर की तलाश कर रहे हैं, उनके लिए वोकेशनल कोर्स एक अच्छा विकल्प है. आज के कॉर्पोरेट जगत में, रोजगार योग्य होना केवल शिक्षित होने तक ही सीमित नहीं है, आपके पास काम को पूरा करने के लिए आवश्यक प्रैक्टिकल स्किल्स भी होना चाहिए जो इन कोर्सेज को करने से आपको मिलती है |
वोकेशनल कोर्स की अवधि 3 महीने (सर्टिफिकेट) से लेकर 3 साल (डिग्री) तक हो सकती है, जो कोर्स की गहराई और आपकी पसंद पर निर्भर करती है। यदि आप किसी विषय में अधिक तकनीकी विशेषज्ञता चाहते हैं, तो आप लंबे समय वाले डिप्लोमा या डिग्री कोर्स चुन सकते हैं। उन छात्रों के लिए जो स्कूली शिक्षा के बाद सीधे अपने पैरों पर खड़ा होना चाहते हैं, वोकेशनल कोर्स एक वरदान की तरह है।”परन्तु यह अवधि कोर्स के प्रकार और उसकी गहराई पर भी निर्भर करती है.
इन कोर्सों का उद्देश्य विद्यार्थियों को विशेष क्षेत्र में प्रैक्टिकल ज्ञान देना होता है, जिससे वे उचित रोजगार प्राप्त कर सकें. यह ध्यान देने योग्य है कि कुछ वोकेशनल कोर्स आपका अधिक समय ले सकते हैं, यदि आप किसी विशेष विषय में कोई विशेष रूप से सक्षम होना चाहते हो और उसमे अधिक तकनीकी या विशेषज्ञता प्राप्त करना चाहते हो |
यदि आप इस विषय में और विस्तारपूर्वक जानना चाहते हो तो हम इसके बारे में विस्तार से एक पोस्ट लिखेंगे उसे अवश्य पढियेगा ,क्योंकि आप उस पोस्ट को पढ़कर ही अपने लिए सही वोकेशनल कोर्स चुनाव कर सकतें हैं ,
3- शॉर्ट टर्म कोर्स (short term course)
Job Oriented Short Term Courses List After 10th
यह वोकेशनल कोर्स का ही एक पार्ट है जो केवल सर्टिफिकेट लेवल तक किया जाता है ,इसलिए इसे स्किल-बेस्ड (Skill-based) शार्ट टर्म कोर्स कहा जाता है, स्किल-बेस्ड (Skill-based) शार्ट टर्म कोर्स किसी भी क्षेत्र में किया जा सकता है यह आपके ऊपर निर्भर है और लेकिन साथ ही साथ यह भी ध्यान देने वाली बात है कि यदि आप अपने इस शार्ट टर्म कोर्स को सर्टिफिकेट तक करना चाहते हो तो इसे शार्ट टर्म वोकेशनल कोर्स कहा जायेगा ,किन्तु इसी सर्टिफिकेट कोर्स को डिप्लोमा या डिप्लोमा या मास्टर या डिग्री लेवल तक भी किया जा सकता है लेकिन तब उतना ही अधिक समय देना पड़ता है ,वो आपके ऊपर निर्भर होता है कि आप क्या करना चाहते हो ,कोर्स एक ही है बस लेवल अलग हैं ,जैसे कोई 10 मजिल की बिल्डिंग है लेकिन आप उसमे किस लेवल तक चढ़ना चाहते यह आपको तय करना है ।किन्तु यदि आपके पास ग्रेजुएशन या मास्टर्स डिग्री की पढ़ाई करने के लिए पर्याप्त समय नहीं है और यदि आप यह चाहते हैं कि आप कोई ऐसा कोर्स करें जिसके द्वारा आपको फटाफट नौकरी हासिल हो जाए, तो आप कोई स्किल-बेस्ड (Skill-based) शार्ट टर्म कोर्स कर सकते हैं |
जो छात्र परिवार की आर्थिक स्थिति या समय की कमी से बहुत बड़ी और महंगी पढ़ाई नहीं कर पाते, उनको किसी एक ही विषय में स्किल-बेस्ड (Skill-based) सर्टिफिकेट कोर्स करना चाहिए इनको शार्ट टर्म कोर्स भी कहा जाता है , उनके लिए ये कोर्स किसी वरदान की तरह हैं। 10th Ke Baad अपनी जरूरत के अनुसार स्किल-बेस्ड (Skill-based) short term course चुनना एक अच्छा विकल्प है। शॉर्ट टर्म कोर्स कोर्स करने से आपका जीवन एक अलग लेवल पर होगा क्योंकि ये कोर्स आपको नई क्षमताओं को सीखने और विशेषज्ञता प्राप्त करने का अवसर प्रदान करते हैं। शॉर्ट टर्म सर्टिफिकेट कोर्स मात्र 3 से 6 महीने के होते हैं, जो आपको किसी एक खास काम में फटाफट मास्टर बना देते हैं। स्किल-बेस्ड (Skill-based) short term course में किसी एक ही विषय पर सर्टिफिकेट लेवल पर जानकारी प्रदान की जाती है।इन कोर्सेज को करने के बाद आप आसानी से किये गये शार्ट टर्म कोर्स से सम्बंधित प्राइवेट क्षेत्र के विभिन्न भागों में नौकरी प्राप्त कर सकते हैं या अपना सेंटर या शाप खोल सकते हो ।
स्किल-बेस्ड शॉर्ट टर्म कोर्स किसी भी क्षेत्र में किया जा सकता है। यह आपको तय करना है कि आप अपने हुनर की इस बिल्डिंग में किस मंजिल तक जाना चाहते हैं।
- ग्राउंड फ्लोर (शॉर्ट टर्म): 3 से 6 महीने का सर्टिफिकेट लेकर तुरंत काम शुरू करना।
- ऊपरी मंजिलें (लॉन्ग टर्म): उसी कोर्स को डिप्लोमा या डिग्री लेवल तक ले जाना, जिसमें समय अधिक लगता है।
लेकिन यदि आपके पास ग्रेजुएशन या मास्टर्स की लंबी पढ़ाई का समय नहीं है, तो इस बिल्डिंग की पहली मंजिल (शॉर्ट टर्म कोर्स) ही आपके लिए सबसे बेहतरीन शुरुआत है, जो आपको फटाफट नौकरी के काबिल बना देती है।”
इस विषय पर एक विस्तृत जानकारी प्रदान करने हेतू, मैने एक पोस्ट और लिखी है जिसमें आपको इस विषय में विस्तार से जानकारी दी गयी है ,जिसे पढ़कर आप अपने लिए सही स्किल-बेस्ड (Skill-based) शार्ट टर्म कोर्स का चुनाव कर सकतें हैं | 10वीं के बाद ही एडमिशन लें इन 13 क्षेत्रों से जुड़े बेस्ट शॉर्ट टर्म कोर्स में , 6 महीने बाद ही लाखों में कमाओगे आप।।
4- आईटीआई कोर्स (ITI course)
Job Oriented ITI Courses List After 10th
वोकेशनल कोर्स के अंतर्गत आने वाले इस सर्टिफिकेट कोर्स की अपनी विशेषता होती है क्योंकि यह आईटीआई (Industrial Training Institute) एक प्रमुख व्यावसायिक प्रशिक्षण (Vocational Training) पाठ्यक्रम है। इसका मुख्य उद्देश्य छात्रों को किताबी ज्ञान के साथ-साथ उद्योगों (Industries) की वास्तविक जरूरतों के लिए तैयार करना है।.इस पाठ्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को उद्योग के लिए तैयार करना होता है ,क्योंकि आईटीआई कोर्स के बाद विद्यार्थी को उद्योग में नौकरी के अवसर सरलता मिलते हैं , इसके अतिरिक्त आईटीआई पास विद्यार्थी किसी भी प्रकार के डिप्लोमा के दूसरे साल में आसानी से प्रवेश पा सकते हैं |
आईटीआई (Industrial Training Institute) कोर्स की अवधि कम से कम 6 महीने से लेकर 2 वर्ष तक की हो सकती है . इस कोर्स में अभ्यर्थियों को थ्योरी की बजाय प्रैक्टिकल ट्रेनिंग के बारे में अधिक जोर देकर पढ़ाया जाता है. इन कोर्स से अभ्यार्थी अधिक से अधिक चीजों को समझ कर ज्ञान अर्जित कर सकते हैं |यह ज्ञान और कौशल आपके भविष्य को सही दिशा प्रदान करने में सहायक सिद्ध होते है |आईटीआई के कोर्स NSQF (National Skills Qualification Framework) के मानकों पर आधारित होते हैं, इसलिए आपकी विश्वसनीयता कई गुना बढ़ जाएगी।
आईटीआई क्यों चुनें?
- प्रैक्टिकल ट्रेनिंग: यहाँ थ्योरी से ज्यादा हाथ से काम सीखने (Practical) पर जोर दिया जाता है, जिससे आप काम में ‘मास्टर’ बन जाते हैं।
- अवधि: इसकी अवधि 6 महीने से लेकर 2 वर्ष तक होती है, यानी आप कम समय में प्रोफेशनल बन सकते हैं।
- रोजगार के अवसर: आईटीआई के बाद रेलवे, बिजली बोर्ड, सेना और प्राइवेट फैक्ट्रियों में नौकरी के अवसर बहुत आसानी से मिल जाते हैं।
- अगली सीढ़ी (Lateral Entry): आईटीआई पास करने के बाद यदि आप आगे पढ़ना चाहते हैं, तो आप इंजीनियरिंग डिप्लोमा (पॉलिटेक्निक) के दूसरे साल में सीधा प्रवेश पा सकते हैं।
इस विषय पर एक विस्तृत जानकारी प्रदान करने हेतू हम बाद में एक पोस्ट अवश्य लिखेंगे| जिसमें आपको आईटीआई (Industrial Training Institute) के सभी कोर्स के सभी विकल्पों के बारे में विस्तार से जानकारी देंगे |
ITI की विभिन्न ट्रेड्स और सर्टिफिकेट की पूरी जानकारी के लिए आप भारत सरकार के ट्रेनिंग पोर्टल (DGT) पर जा सकते हैं।”
5- डिप्लोमा कोर्स (Diploma course)
Job Oriented Diploma course List After 10th
जब आप किसी भी वोकेशनल कोर्स को शार्ट टर्म सर्टिफिकेट से आगे डिप्लोमा लेवल तक करना चाहते हो तो उसे वोकेशनल डिप्लोमा कहा जाता है ।शॉर्ट-टर्म कोर्स केवल “काम करना” सिखाता है,लेकिन वहीं डिप्लोमा “काम को थोड़ी और गहराई से समझना” सिखाता है। डिप्लोमा कोर्स लगभग हर विषय में किया जा सकता है क्योकि यह इस प्रकार का कोर्स होता है जिसे किसी विशेष विषय या क्षेत्र में ज्ञान और कौशल विकसित करने के लिए डिप्लोमा लेवल पर डिज़ाइन किया गया होता है यह कोर्स आमतौर पर 1 से 2 साल का होता है, लेकिन कुछ इंजीनियरिंग डिप्लोमा कोर्स 3 साल के होते हैं. डिप्लोमा कोर्स करने के लिए, छात्र को कम से कम 10वीं पास होना अति आवश्यक होता है . डिप्लोमा कोर्स करने के बाद, छात्रों को उनके चुने हुए क्षेत्र में नौकरी की प्रबल संभावनाएं मिलती हैं |
इंजीनियरिंग के क्षेत्र में इसे ‘पॉलिटेक्निक’ कहा जाता है, जबकि अन्य क्षेत्रों (जैसे फैशन, मेडिकल, या मैनेजमेंट) में इसे ‘वोकेशनल डिप्लोमा’ के नाम से जाना जाता है।” डिप्लोमा का सबसे बड़ा फायदा यह है कि इसके बाद आप संबंधित डिग्री कोर्स (जैसे B.Tech या B.vocational ) के दूसरे वर्ष में सीधा प्रवेश (Lateral Entry) पा सकते हैं।” किसी भी विषय से डिप्लोमा कोर्स करने के बहुत फायदे हैं: किसी विशेष विषय में गहरा ज्ञान, नौकरी के अवसर, और उच्च शिक्षा के लिए एक आधार प्राप्त होता है |इसलिए डिप्लोमा कोर्स एक अच्छा विकल्प हो सकता है जो छात्रों को उनके करियर को एक नई दिशा देने में मदद कर सकता है |
अवधि: 1 से 2 साल (इंजीनियरिंग के लिए 3 साल)
योग्यता: न्यूनतम 10वीं पास
लक्ष्य: किसी खास विषय में ‘सर्टिफिकेट’ से अधिक तकनीकी और व्यावहारिक ज्ञान प्राप्त करना।
फायदा: यह आपको न केवल नौकरी दिलाता है, बल्कि आपको ‘सुपरवाइजर’ या ‘जूनियर इंजीनियर’ जैसे पदों के काबिल बनाता है।
इस विषय पर एक विस्तृत जानकारी प्रदान करने हेतू हम बाद में एक पोस्ट अवश्य लिखेंगे| जिसमें आपको सभी प्रकार के डिप्लोमा कोर्स के सभी विकल्पों के बारे में विस्तार से जानकारी अवश्य देंगे |
6- पॉलिटेक्निक कोर्स(Polytechnic course)
Job Oriented Polytechnic Courses List After 10th
यह वोकेशनल कोर्स अंतर्गत आने वाले विशेष डिप्लोमा कोर्स होते हैं जिनका सीधा सम्बन्ध इंजीनियरिंग से होता है इसलिए इन डिप्लोमा की मान्यता साधारण डिप्लोमा से बढ़कर होती है क्योंकि पॉलिटेक्निक कोर्स एक प्रकार का कौशल विकास पाठ्यक्रम है | पॉलिटेक्निक करने के बाद आप अपने विशेष क्षेत्र में पढ़ते पढ़ते पीएचडी तक भी पढ़ सकते हो जैसे कि पॉलिटेक्निक डिप्लोमा के बाद आप B.Tech (डिग्री), फिर M.Tech (मास्टर्स) और उसके बाद PhD तक की उच्च शिक्षा प्राप्त कर सकते हैं। यानी डिप्लोमा से शुरू हुआ आपका करियर एक बड़े वैज्ञानिक या प्रोफेसर बनने तक जा सकता है।” पॉलिटेक्निक करने के बाद आप इंजीनियरिंग के साथ-साथ अन्य कई क्षेत्रों में भी अपनी सेवाएं दे सकते हो |यह कोर्स छात्रों के तकनीकी कौशल को बढ़ाकर व्यावहारिक ज्ञान प्रदान करने के लिए शुरू किया गया है |
मुख्यतः पॉलिटेक्निक कोर्सेस तीन साल की अवधि प्रोग्राम होते है, जिसके पूरा होने के बाद उम्मीदवारों को डिप्लोमा प्रमाणपत्र प्राप्त होता है |पॉलिटेक्निक कोर्स में प्रवेश आपकी योग्यता और डिप्लोमा स्तर की एंट्रेंस एग्जाम के आधार पर किया जाता है |सबसे बड़ा लाभ B.Tech के दूसरे वर्ष में सीधा दाखिला (Lateral Entry)
पॉलिटेक्निक कोर्स करने के बाद आपके पास कई विकल्प होते हैं जैसे – सरकारी और निजी क्षेत्र में नौकरी, पॉलिटेक्निक के बाद आपको इंजीनियरिंग के दूसरे वर्ष में सीधे प्रवेश प्राप्त होता है |यह जरूरी नहीं है कि आपको इन्हीं विकल्पों में से चुनना हो, आपके पास अपने इंटरेस्ट और स्किल्स के अनुसार और भी विकल्प हो सकते हैं |जूनियर इंजीनियर (JE) या सुपरवाइजर या अपना कोई बिजनेस भी स्टार्ट किया जा सकता है
पॉलिटेक्निक कितने प्रकार की होती है और पॉलिटेक्निक करने के लिए आपको कहाँ जाकर पढना होगा क्या फीस रहेगी , हम आगे की ब्लॉग पोस्ट में विस्तार से इसकी चर्चा अवश्य करेंगे |
Polytechnic/Diploma– तकनीकी शिक्षा की अधिक जानकारी के लिए सरकार की तरफ से बनायीं गयी AICTE की वेबसाईट पर जा सकते हो
7- मेडिकल कोर्स (Medical course)
Medical Courses After 10th Biology
सबसे आकर्षित करने वाला कोर्स यदि कोई है तो वह मेडिकल कोर्स ही होगा , लेकिन मेडिकल कोर्स के बारे में समझना और समझाना इतना साधारण विषय नहीं है क्योकि मेडिकल क्षेत्र विश्वव्यापी रूप से सबसे अधिक मांग वाले और सम्मानित व्यवसायों में से एक है इसके अतिरिक्त यह कोर्स अत्यंत संतोषजनक कार्यों में सम्मिलित होता है क्योंकि यह आपको दूसरों की मदद करने का भी एक सुनहरा अवसर प्रदान करता है |
यदि आप 10वीं के बाद ही इस क्षेत्र में कदम रखना चाहते हैं, तो आप पैरामेडिकल और हेल्थकेयर वोकेशनल कोर्सेज चुन सकते हैं। यह विकल्प चुनने के बाद आपकी जॉब सिक्योरिटी की गारंटी निश्चित है, क्योंकि अस्पताल और लैब में कुशल टेक्नीशियनों की मांग हमेशा रहती है। ये वोकेशनल कोर्स आपको कम समय में मेडिकल जगत का हिस्सा बनने और सम्मानजनक कमाई करने का अवसर देते हैं।”
नोट: 10वीं के बाद किए जाने वाले ये मेडिकल कोर्स आपको ‘डॉक्टर’ नहीं बनाते, बल्कि आपको एक कुशल ‘मेडिकल असिस्टेंट या टेक्नीशियन’ बनाते हैं। यदि आपका सपना डॉक्टर या रिसर्चर बनना है, तो आपको 12वीं (PCB) फिजिक्स केमिस्ट्री बायोलोजी के साथ करना होगा उसके बाद आप अपना मनपसंद करियर का चुनाव कर पाएंगे ,इसलिए ध्यान रहे कि 10वीं के बाद सीधे कोई भी मेडिकल कोर्स नहीं होता, लेकिन मेडिकल वोकेशनल कोर्स जैसे पैरामेडिकल और हेल्थकेयर वोकेशनल कोर्सेज (जैसे लैब या ओटी असिस्टेंट) जरूर होते हैं और लेकिन इनमें भी करियर बहुत प्रोफेशनल होते हैं जिनको आप सर्टिफिकेट लेवल से स्टार्ट कर सकते हैं और आगे भी पढ़ते हुए डिप्लोमा और फिर आगे उन पैरामेडिकल कोर्स की डिग्री तक जा सकते हो ।
क्या आप जानते हैं? अस्पताल में एक डॉक्टर के साथ कम से कम 5 से 10 पैरामेडिकल स्टाफ (नर्स, लैब टेक, ओटी असिस्टेंट) की जरूरत होती है। इसीलिए 10वीं के बाद इन कोर्सेज में ‘जॉब सिक्योरिटी’ सबसे ज्यादा है।इन सभी पैरामेडिकल और हेल्थकेयर वोकेशनल कोर्सेज पर हम आगे की पोस्ट में विस्तार पूर्वक चर्चा करते रहेंगे ,जिनमे हम उन सभी क्षेत्रो को बताने का प्रयास करेंगे जिनमे आप 10th के बाद भविष्य बना सकते हो ।
8- पैरामेडिकल कोर्स(Paramedical course)
List of Paramedical Courses After 10th
तकनीकी रूप से पैरामेडिकल के ‘सर्टिफिकेट’ और ‘डिप्लोमा’ लेवल के सभी कोर्स भी “वोकेशनल कोर्स” के दायरे में ही आते हैं। लेकिन जब कोई छात्र पैरामेडिकल में स्नातक (Bachelors like B.Vocational or B.Sc) या मास्टर्स (M.Sc) करता है, तो वह ‘वोकेशनल ट्रेनिंग’ से ऊपर उठकर एक ‘अकादमिक और प्रोफेशनल विशेषज्ञ’ (Specialist) बन जाता है।
पैरामेडिकल कोर्स और मेडिकल कोर्स एक दुसरे के पूरक होते हैं इसलिए पैरामेडिकल कोर्स मेडिकल कोर्स का सहयोगी कोर्स कहलाता है ,क्योंकि पैरामेडिकल कोर्स वह कोर्स होते हैं जिनको करने के बाद आप 10th Ke Baad ही हेल्थ केयर के क्षेत्र में अपनी सेवाएं दे सकते हो ,पैरामेडिकल कोर्स करने के बाद आप किसी भी सरकारी या प्राइवेट हॉस्पिटल में डायग्नोसिस , फिजियोथिरैपी, रेडियोग्राफी , लैबोरेट्री में काम करना शुरू कर सकते हैं |
पैरामेडिकल कोर्स करने के बाद आपको रोगियों में बीमारियों का निदान करने, चिकित्सा जांच, चिकित्सा, और डॉक्टरों को अतिरिक्त सहायता प्रदान करने के लिए प्रशिक्षित किया जाता है | यह कोर्स आपको एक बहुत अच्छी नौकरी दिला सकता है और आपके करियर को एक नया मोड़ दे सकता है |यह उन छात्रों के लिए है जिन्हें विज्ञान, मशीनों और लैब टेस्ट में रुचि है।यह चिकित्सा विज्ञान का वह हिस्सा है जो डॉक्टर को बीमारी की जड़ तक पहुँचने में मदद करता है।इनका मुख्य काम रिपोर्ट्स तैयार करना और मशीनों को संचालित करना होता है।
10th के बाद पैरामेडिकल कोर्स करना चाहते हो तो सर्टिफिकेट और डिप्लोमा कोर्स में डायरेक्ट प्रवेश लिया जा सकता है, जबकि स्नातक, परास्नातक और पीएचडी कोर्स में प्रवेश प्रवेश परीक्षा के आधार पर किया जाता है | आप 10वीं के बाद सर्टिफिकेट या डिप्लोमा से शुरुआत करके धीरे-धीरे अपनी योग्यता बढ़ाते हुए ग्रेजुएशन, पोस्ट-ग्रेजुएशन और अंततः पीएचडी लेवल तक की विशेषज्ञता हासिल कर सकते हैं।”|
इन सभी प्रकार के पैरामेडिकल कोर्स पर हम आगे की पोस्ट में विस्तार पूर्वक चर्चा करते रहेंगे ,जिनमे हम उन सभी क्षेत्रो को बताने का प्रयास करेंगे जिनमे आप 10th के बाद भविष्य बना सकते हो ।
9-हेल्थकेयर वोकेशनल कोर्सेज (Healthcare Vocational Courses) – “मरीज की सेवा और प्रबंधन”-
List of Healthcare Vocational Courses After 10th
यह उन छात्रों के लिए है जो सेवा भाव रखते हैं और अस्पताल के कामकाज को सुचारू बनाने में रुचि रखते हैं। ये कोर्सेज स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में ‘सपोर्ट सिस्टम’ की भूमिका निभाते हैं। इसमें मरीज की देखभाल से लेकर अस्पताल के मैनेजमेंट तक सब शामिल है।हेल्थकेयर वोकेशनल कोर्सेज असल में “हॉस्पिटल की रीढ़ की हड्डी” होते हैं। अगर डॉक्टर दिमाग है, तो ये Healthcare Vocational Courses करने वाले पेशेवर उस हॉस्पिटल के हाथ और पैर हैं।
सेवा भाव (Patient-Centric Care) हेल्थकेयर वोकेशनल कोर्सेज का सबसे बड़ा हिस्सा मरीज की देखभाल है। इसमें छात्र को यह सिखाया जाता है कि एक बीमार व्यक्ति के साथ कैसा व्यवहार करना है, उसकी बुनियादी जरूरतों (जैसे खाना, दवा का समय, साफ-सफाई) को कैसे पूरा करना है और उसकी स्थिति पर नजर कैसे रखनी है।इसमें आप केवल पैसा नहीं कमाते, बल्कि दुआएं भी कमाते हैं क्योंकि आप सीधे तौर पर किसी की तकलीफ कम कर रहे होते हैं।
अस्पताल का प्रबंधन (Hospital Management) एक बड़े अस्पताल में केवल इलाज नहीं होता, बल्कि हजारों मरीजों का डेटा, फाइल्स, इन्वेंट्री और इमरजेंसी कॉल भी संभालनी होती हैं। हेल्थकेयर वोकेशनल कोर्सेज में ‘मेडिकल एडमिनिस्ट्रेशन’ सिखाया जाता है, जिससे अस्पताल एक प्रोफेशनल कंपनी की तरह काम कर सके।भारत में हर साल हजारों नए अस्पताल और नर्सिंग होम खुल रहे हैं। हर जगह ‘मरीज संभालने वाले’ स्टाफ की भारी कमी है, इसलिए नौकरी मिलना बहुत आसान है।
ये कोर्सेज बहुत सस्ते होते हैं और मात्र 6 महीने से 1 साल के भीतर आप किसी भी हॉस्पिटल में नौकरी शुरू कर सकते हैं।यह उन छात्रों को बहुत पसंद आएगा जो ज्यादा तकनीकी (Math/Physics) में नहीं उलझना चाहते लेकिन मेडिकल लाइन में जाना चाहते हैं।हेल्थकेयर वोकेशनल कोर्स उन छात्रों के लिए एक वरदान है जो स्वभाव से दयालु हैं और चिकित्सा जगत का हिस्सा बनना चाहते हैं। जहाँ पैरामेडिकल कोर्स में आप ‘मशीनों’ के साथ काम करते हैं, वहीं हेल्थकेयर वोकेशनल में आप ‘मनुष्यों ‘ के साथ काम करते हैं। यह क्षेत्र आपको एक जिम्मेदार पेशेवर बनाता है और समाज में सम्मान दिलाता है।”
इनका काम मरीज को वार्ड में संभालना, उन्हें बेड से स्ट्रेचर पर ले जाना और उनकी डेली केयर करना है।मरीज की पुरानी हिस्ट्री, रिपोर्ट्स और कंप्यूटर पर डेटा एंट्री संभालना।एम्बुलेंस में मरीज को अस्पताल ले जाते समय जो शुरुआती जीवन रक्षक सहायता (First Aid) दी जाती है, वह इनका काम है।
हेल्थकेयर वोकेशनल कोर्सेज (Healthcare Vocational Courses) में आप किन किन विषयों में पढाई कर सकते हो इसके लिए हम आपके लिए एक पोस्ट लेकर आएंगे जिसमे हम इस विषय में विस्तार से समझायेंगे ।
- अगर आप इंजीनियरिंग या मेडिकल में जाना चाहते हैं, तो आप NTA की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर आगामी प्रवेश परीक्षाओं (Entrance Exams) का शेड्यूल देख सकते हैं।”
- Medical/Paramedical: National Medical Commission (NMC) – मेडिकल कोर्सेज की मान्यता के लिए
अब एक अति आवश्यक जानकारी
जीवन की इस यात्रा में, हम सभी कुछ न कुछ सीखते हैं। हर कोर्स, हर पाठ्यक्रम हमें नई दिशा देता है, नई उम्मीदें जगाता है। चाहे वह साइंस हो, कॉमर्स, आर्ट्स, या कोई व्यावसायिक पाठ्यक्रम, हर एक में अपनी स्वयं की एक विशेषता होती है |इसलिए हमें अपने भविष्य को निर्माण करने के लिए इन कोर्सों का सहारा लेना पड़ता है,
लेकिन याद रखें, कोई भी कोर्स करें परन्तु आपका भविष्य आपके स्वयं के हाथों में ही है। आपकी मेहनत, आपकी समर्पण और आपकी लगन ही आपको आपके सपनों तक पहुंचाती है |इसलिए, चाहे आप किसी भी कोर्स में हों, अपने आप को उसमे समर्पित कर दे , केवल अपने सपनों को देखें और उन्हें साकार करने के लिए प्रतिदिन मेहनत करें। आपकी यात्रा आपकी ही है, और आप ही उसके मुख्य नायक होंगे |
निर्णय कैसे करें कि ….10वीं के बाद क्या करें? 10th Ke Baad Kya Kare
ये किसी भी विद्यार्थी और उनके माता-पिता या अभिभावक के लिए बहुत ही निर्णायक फैसला होना चाहिए ,क्योंकि यहाँ से आपकी जीवन यात्रा एक नया मोड़ लेने वाली है |इसलिए इस निर्णय को अत्यंत ही सोच समझ कर लें. इस निर्णय को करते समय विद्यार्थी अपनी क्षमता आदि को ध्यान में अवश्य रखे |सभी प्रकार की जानकारियां पढ़े और समझे ,उसके बाद ही सोच समझ कर ही कोई निर्णय लेना चाहिए |यदि आपको अपने लिए किसी कोर्स के चुनाव करने में या आपको कोई निर्णय लेने में कोई समस्या होती है तो आप किसी करियर काउंसलर एक्सपर्ट की सहायता ले सकते हैं वो आपसे आपके जीवन से जुड़े हर प्रकार के प्रश्न करते हैं जिसमे वो आपका व्यवहार परीक्षण करते हैं तथा आपके मानसिक ज्ञान का सटीक अवलोकन आदि करके आपकी रुचि और क्षमता का पता लगा सकते हैं और आपको बता सकते हैं कि आपके लिए कौनसा कोर्स बेस्ट रहेगा |
- करियर चुनाव में मदद के लिए आप भारत सरकार के आधिकारिक National Career Service (NCS) पोर्टल की सहायता ले सकते हैं, जो छात्रों को उनकी रुचि के अनुसार सही रास्ता चुनने में मदद करता है।”
- Skill India Digital (सबसे आधुनिक पोर्टल) :यह सरकार का नया पोर्टल है जहाँ छात्र अपनी पसंद के कोर्स ढूंढ सकते हैं और ऑनलाइन रजिस्टर भी कर सकते हैं।लिंक: https://www.skillindiadigital.gov.in/
- NSDC (National Skill Development Corporation)“10वीं के बाद तकनीकी हुनर सीखने के लिए विभिन्न प्रोग्राम्स की जानकारी यहाँ देखी जा सकती है।” यह विभाग भारत में सभी प्राइवेट और सरकारी ट्रेनिंग को कंट्रोल करता है।लिंक: https://nsdcindia.org/
- SWAYAM Portal (भारत सरकार का सबसे बड़ा फ्री लर्निंग पोर्टल) यह शिक्षा मंत्रालय द्वारा चलाया जाता है। यहाँ 10वीं के बाद छात्र अपनी पसंद के कोर्सेज घर बैठे मुफ्त में कर सकते हैं और उसका सर्टिफिकेट भी पा सकते हैं।लिंक: SWAYAM Official Portal
यदि अभी भी आप निर्णय नहीं कर पा रहें है कि 10वीं के बाद क्या करें? तो आप निश्चिंत रहे क्योंकि मै सभी कोर्स को लेकर अलग से एक एक विस्तृत पोस्ट अवश्य लिखूंगा जिसमें आपके साथ इन सभी कोर्स से जुड़े अन्य सभी बिन्दुओं पर विस्तार पूर्वक चर्चा की जाएगी, जिसमे हम यह जानने का प्रयास करेंगे कि कोई भी कोर्स को करने के लिए आपको कहाँ जाकर पढाई करना चाहिए ,किसी कोर्स को करने में कितनी फीस लगती है ,कोई भी कोर्स पूरा करने में कितना समय लगता है और सबसे महत्वपूर्ण चर्चा भी होगी कि उस कोर्स को करने के बाद आपको नौकरी कौनसी करना चाहिए ? सरकारी या प्राइवेट , और किस किस कोर्स में कौन कौन से विभाग आपको नौकरी देंगे |
हमें ज्ञात है कि ये ब्लॉग पोस्ट अवश्य ही आपके ज्ञान को बढ़ाएगी इसलिए जो विद्यार्थी अभी तक 10वीं में है या 10वीं पास कर चुके और वे कोई भी निर्णय नहीं कर पा रहे हैं और यहाँ वहां खोजते रहते हैं अपने लिए List of Courses after 10th,या उनको जानकारी चाहिए Career Options After 10th की , यदि वो जानना चाहते हैं कि अब हम 10th Ke Baad Kya Kare …… तो उन तक ये पोस्ट अवश्य ही शेयर करें |आपका यह प्रयास किसी का भविष्य बना सकता है और उनको भटकने से बचा सकता है |[Disclaimer]
हमारी वेबसाईट की और भी अन्य और महत्वपूर्ण पोस्ट पढने के लिए यहाँ क्लिक करें ।
